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यही कामना हों प्रफुल्लित आओ मनाएं हर क्षण को .-२०१६ शुभ हो

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अमरावती सी अर्णवनेमी पुलकित करती है मन मन को ,
अरुणाभ रवि उदित हुए हैं खड़े सभी हैं हम वंदन को . ............................................................
अलबेली ये शीत लहर है संग तुहिन को लेकर  आये  ,
घिर घिर कर अर्नोद छा रहे कंपित करने सबके तन को . ...........................................................................
मिलजुल कर जब किया अलाव  गर्मी आई अर्दली बन ,
अलका बनकर ये शीतलता  छेड़े जाकर कोमल तृण को . ..................................................................
आकंपित हुआ है जीवन फिर भी आतुर उत्सव को ,
यही कामना हों प्रफुल्लित आओ मनाएं हर क्षण को ...................................................................................................................
पायें उन्नति हर पग चलकर खुशियाँ मिलें झोली भरकर ,
शुभकामना देती ''शालिनी''मंगलकारी हो जन जन को . ...........................................................
शालिनी कौशिक
[कौशल]
शब्दार्थ :अमरावती -स्वर्ग ,इन्द्रनगरी ,अरुणिमा -लालिमा ,अरुणोदय-उषाकाल ,अर्दली -चपरासी ,अर्नोद -बादल ,तुहिन -हिम ,बर्फ ,अर्नवनेमी -प…

भारत में असहिष्णुता है .

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संविधान दिवस और धर्मनिरपेक्षता और असहिष्णुता पर संग्राम ये है आज की राजनीति का परिपक्व स्वरुप जो हर मौके को अपने लिए लाभ के सौदे में तब्दील कर लेता है .माननीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह इस मौके पर संविधान निर्माता के मन की बात बताते हैं वैसे भी इस सरकार के मुखिया ही जब मन की बात करते फिरते हैं तब तो इसके प्रत्येक सदस्य के लिए मन की बात करना जरूरी हो जाता है भले ही वह अपने मन की हो या किसी दुसरे के मन की .वे कहते हैं -
''संविधान निर्माता ने कभी भी ''धर्मनिरपेक्ष '' शब्द को संविधान में रखने के बारे में नहीं सोचा था , इसे तो १९७६ में एक संशोधन के जरिये शामिल किया गया किन्तु ये कहते समय उन्होंने संविधान की प्रस्तावना के सही शब्द पर गौर नहीं किया और बाद में अपनी बात को वजनदार बनाने के लिए सही शब्द को अपना सुझाव बता वाहवाही लूटने का काम अपनी तरफ से कर गए .जबकि अगर वे ध्यान से संविधान की प्रस्तावना पढ़ते तो अपनी बात कहने से बच सकते थे और संविधान निर्माता के मन की बात का ढोल पीटने से भी .भारतीय संविधान की प्रस्तावना में कहा गया है -
   ''हम भारत के लोग भारत को एक प…

हिम्मतें दुश्वारियों में दोस्त बन जाएँगी .

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ये दायित्व सुब्रमनियम स्वामी का है

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भारतीय राजनीति में ऐसे लोग कम नहीं जिनकी राजनीतिक रोटियां केवल और केवल गांधी परिवार की बुराई के चूल्हे पर ही सिंकती  हैं और केवल इस परिवार की बुराई करकर ही वे स्वयं को बहुत बड़ा देशभक्त साबित करते हैं और इन्हीं नेताओं में से सर्वप्रमुख नेता हैं ''माननीय सुब्रमणियम स्वामी'' अभी हाल ही में वे एक बहुत बड़ा मुद्दा [केवल उनकी नज़रों में ] लेकर आये हैं और वह है राहुल गांधी के ब्रिटिश नागरिक होने का मुद्दा ,वे कहते हैं कि -
''राहुल ब्रिटिश नागरिक हैं ''

Rahul Gandhi is a British citizen, Subramanian Swamy says;NEW DELHI: BJP leader Subramanian Swamy on Monday alleged that Congress vice-president Rahul Gandhi has claimed himself to be a British national before the authorities there and has demanded that he be stripped of Indian citizenship and Lok Sabha membership.
और अब वे कह रहे हैं कि ''राहुल साबित करें , वह ब्रिटिश नागरिक नहीं ''और अपने इस दावे के समर्थन में वे ब्रिटिश सरकार की आधिकारिक वेबसाइट से उपलब्ध दस्तावेज का हवाला देते हुए कहते हैं कि र…

तेजाबी हमले :सरकार सही रास्ते पर आये

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एक रुसी युवती पर तेजाबी हमला और वह भी प्रधानमंत्री जी के लोकसभा कार्यक्षेत्र में बहुत ही दुखद विषय है। समाचारों के अनुसार स्थिति ये है - The 23-year-old Russian woman who was attacked with acid in Varanasi and was undergoing treatment has been flown to Moscow with Indian government assuring her that all medical expenses will be borne by it. और उससे भी दुखद ये कि देश की विदेश मंत्री इस सम्बन्ध में अपने कर्तव्य का निर्वहन अपनी सरकार की ही कार्यप्रणाली के अनुसार कर रही हैं अर्थात सोशल मीडिया पर और इसके लिए वे ट्विटर का लगातार इस्तेमाल कर रही हैं - External Affairs Minister Sushma Swaraj has sought a report from the Uttar Pradesh government about the attack on Russian national and tweeted about her leaving for Russia today. Here's what Swaraj tweeted: Sushma Swaraj✔@SushmaSwaraj Acid attack on Russian girl - A senior officer of MEA met the victim in hospital today. He also spoke to the Doctors attending on her. 9:48 PM - 15 Nov 2015 236236 Retweets477
Sushma Swaraj✔@SushmaSwaraj Our Ambassador…

जन्मदिन ये मुबारक हो उसी इंदिरा की जनता को ,

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अदा रखती थी मुख्तलिफ ,इरादे नेक रखती थी ,
वतन की खातिर मिटने को सदा तैयार रहती थी .
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मोम की गुड़िया की जैसी ,वे नेता वानर दल की थी ,,
मुल्क पर कुर्बां होने का वो जज़बा दिल में रखती थी .
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पाक की खातिर नामर्दी झेली जो हिन्द ने अपने ,
वे उसका बदला लेने को मर्द बन जाया करती थी .
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मदद से सेना की जिसने कराये पाक के टुकड़े ,
शेरनी ऐसी वे नारी यहाँ कहलाया करती थी .
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बना है पञ्च-अग्नि आज छुपी है पीछे जो ताकत ,
उसी से चीन की रूहें तभी से कांपा करती थी .
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जहाँ दोयम दर्जा नारी निकल न सकती घूंघट से ,
वहीँ पर ये आगे बढ़कर हुकुम मनवाया करती थी .
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राजनीति में जमी आतंकवाद की जड़ें

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पेरिस में मुंबई जैसा आतंकवादी हमला , १२६ की मौत ,आई एस के फिदायीन हमलावरों ने भीड़ भरे सात स्थानों को निशाना बनाया -इस तरह की घटनाएँ कभी रुकने वाली हैं ऐसा कभी भी नहीं कहा जा सकता क्योंकि जो तत्व इस तरह की घटनाओं के लिए जिम्मेदार है वह इन्हें कभी रुकने नहीं देगा और भले ही किसी भी देश में ये घटनाएँ घटने पर वहां के हुक्मरान इनसे हताहत हुई जनता के दुःख को दूर करने के लिए आतंकवाद से निबटने के लिए प्रतिबद्ध दिखाई दें किन्तु वास्तव में इन घटनाओं के पीछे अगर कोई है तो हुक्मरानों का यही  प्रतिबद्धता का नाटक है क्योंकि हुक्मरानों की यह प्रतिबद्धता मात्र एक दिखावा है जो कि घटना के घटित होने पर तुरत प्रतिक्रिया के रूप में दिखाई जाती है और धीरे धीरे इस पर समय का मरहम लगा दिया जाता है और यही इस तरह की घटनाओं का मूल कारण है क्योंकि यह आम तौर पर देखने में आया है कि किसी महत्वपूर्ण घटनाक्रम से  जो कि राजनीति के आकाश में अगर धुंधलका आता दिखाई देता है तो इस तरह के घटनाक्रम से उस आकाश को स्वच्छ करने की प्रक्रिया हमारे हुक्मरानों द्वारा अपनायी जाती है ऐसी ही कुछ मुंबई के आतंकवादी हमले के समय आशंकाएं …

बाल सुरक्षा पर ध्यान दें प्रधानमंत्री जी -change .org

आज मेरे मेल में राज्य सभा सांसद राजीव चंद्रशेखर जी का ये मेल मिला जो कि आज भारत में यौन हिंसा के शिकार बच्चों से सम्बंधित था जो कि मूल रूप में सभी के समक्ष प्रस्तुत है -



In 2 weeks, I am meeting PM Modi with this petition. I want him to commit protecting our children from sexual abuse. I need you to sign my petition so I can showcase huge support on this issue. SHALINI KAUSHIK, sign my petition now!
------------------------------------------------------------- Trigger Warning: Content about Child Sexual Abuse Dear SHALINI KAUSHIK, A 15-year-old was stripped and photographed by 4 young men. Unable to bear the burden she took her own life. A 3 year-old-child was raped. She was assaulted in school by an employee who was supposed to be taking care of her. Both these incidents took place in my hometown of Bengaluru. I am shocked and ashamed. We are not doing enough to protect our children. I am a Rajya Sabha MP and I want to use all my resources to keep our children safe. I am asking Prime M…

जाति-धर्म का भेद-भूलकर मिलकर दीप जलाएंगे -सहिष्णुता हेतु दीपावली की हार्दिक शुभकामनायें

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वसुंधरा के हर कोने को जगमग आज बनायेंगे ,
जाति-धर्म का भेद-भूलकर मिलकर दीप जलाएंगे .
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पूजन मात्र आराधन से मात विराजें कभी नहीं ,
होत कृपा जब गृहलक्ष्मी को हम सम्मान दिलायेंगें .
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आतिशबाजी छोड़-छोड़कर बुरी शक्तियां नहीं मरें ,
करें प्रण अब बुरे भाव को दिल से दूर भगायेंगे .
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चौदह बरस के बिछड़े भाई आज के दिन ही गले मिले ,
गले लगाकर आज अयोध्या भारत देश बनायेंगे .
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सफल दीवाली तभी हमारी शिक्षित हो हर एक बच्चा ,
छाप अंगूठे का दिलद्दर घर घर से दूर हटायेंगे .
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भ्रष्टाचार ने मारा धक्का मुहं खोले महंगाई खड़ी ,
स्वार्थ को तजकर मितव्ययिता से इसको धूल चटाएंगे .
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बेटी के भाग्य में प्रभु कांटे ही भर गया .

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पैदा हुई है बेटी खबर माँ-बाप ने सुनी ,
खुशियों का बवंडर पल भर में थम गया .

चाहत थी बेटा आकर इस वंश को बढ़ाये ,
रखवाई का ही काम उल्टा सिर पे पड़ गया .

बेटा जने जो माता ये है पिता का पौरुष ,
बेटी जनम का पत्थर माँ के सिर पे बंध गया .

गर्मी चढ़ी थी आकर घर में सभी सिरों पर ,
बेडा गर्क ही जैसे उनके कुल का हो गया .

गर्दिश के दिन थे आये ऐसे उमड़-घुमड़ कर ,
बेटी का गर्द माँ को गर्दाबाद कर गया .

बेठी है मायके में ले बेटी को है रोटी ,
झेला जो माँ ने मुझको भी वो सहना पड़ गया .

न मायका है अपना ससुराल भी न अपनी ,
बेटी के भाग्य में प्रभु कांटे ही भर गया .

न करता कदर कोई ,न इच्छा है किसी की ,
बेटी का आना माँ को ही लो महंगा पड़ गया .

सदियाँ गुजर गयी हैं ज़माना बदल गया ,
बेटी का सुख रुढियों की बलि चढ़ गया .

 सच्चाई ये जहाँ की देखे है ''शालिनी ''
बेटी न जन्म ले यहाँ कहना ही पड़ गया .
      शालिनी कौशिक
           [कौशल]

शब्दार्थ-गर्दाबाद-उजाड़ ,विनाश 

बॉलीवुड के एकमात्र खान शहंशाह-[शाहरुख़ खान ]-HAPPY BIRTHDAY TO SHAHRUKH KHAN

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बॉलीवुड एक ऐसा संसार जहाँ सब कुछ मनमोहक नज़र आता है ,जहाँ रोज नए शहंशाह बनते हैं और रोज ख़त्म होते हैं .अमिताभ बच्चन को बॉलीवुड के शहंशाह की उपाधि प्राप्त है किन्तु वे एकमात्र ही इस सिंहासन पर आसीन नहीं हैं इस सिंहासन को उन्हें एक और अभिनेता के साथ साझा करना पड़ेगा और वह अभिनेता हैं ''शाहरुख़ खान '' जिन्होंने अपनी फिल्मों के माध्यम से बॉलीवुड पर राज किया है .न केवल शाहरुख फ़िल्मी जीवन व्यतीत करते हैं बल्कि वे पारिवारिक रूप से भी अमिताभ बच्चन जी की बराबरी करते नज़र आते हैं जैसे अमिताभ जी का पारिवारिक जीवन फ़िल्मी जीवन की तरह सफल है ठीक वैसे ही शाहरुख़ खान का पारिवारिक जीवन भी फ़िल्मी जीवन की तरह सफल है .       बहुत पहले दूरदर्शन पर एक धारावाहिक आया था ''फौजी '' उसमे जो सबका प्रिय कलाकार था वह अपनी चुलबुली हरकतों के कारण सबकी नज़रों में चढ़ा हुआ था .धारावाहिक में वह जब अपनी प्रेमिका का इंतज़ार करता था और दस तक की गिनती गिनते हुए दस पास  आने पर ''सवा नौ , साढ़े नौ ,पौने नौ '' का उच्चारण करता था तो सबके दिलों की धड़कन उसकी प्रेमिका के आने …